मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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गुरुवार, दिसंबर 25, 2008
मनु स्मृति और बाद में जोड़े गये श्लोक
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संसार में जितनी विधि-प्रणालियां हैं, वे एक विशेष कालखंड में एक विशिष्ट समाज के लिए बनीं थीं। मनु-प्रणीत विधि की इन सब प्रणालियों से तुलना नह...
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गुरुवार, दिसंबर 18, 2008
प्रथम विधि प्रणेता - मनु
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आज संसार ने आदि विधि प्रणेता के रूप में मनु को जाना है। प्रथम विधि-संहिता मनु का 'धर्मशास्त्र' है, जिसे मनुस्मृति संस्कृत भाषा में...
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गुरुवार, दिसंबर 11, 2008
कुरितियां क्यों बनी
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समाज की व्यवस्था का सही मूल्यांकन होता है उसकी स्थायी अवस्था से। समाज के संघर्ष काल में अनेक प्रकार के नियम बनते हैं। परंतु वे उस समाज का स...
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मंगलवार, दिसंबर 02, 2008
कालचक्र: अवतारों की कथा
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कालचक्र: सभ्यता की कहानी भौतिक जगत और मानव मानव का आदि देश सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं अवतारों की कथा रूपक कथाऍं,वेद एवं उपनिषद् का...
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