मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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शनिवार, सितंबर 12, 2009
सिकंदर (अलक्षेन्द्र) और भारत
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सिकंदर ( Alexander ) के साथ भारत में क्या हुआ, इस बारे में यवन इतिहासकारों ने असंगत बातें लिखी हैं पर राजा पुरू ( Porus ) की संधि बताती है क...
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शनिवार, सितंबर 05, 2009
ईरान और अलक्षेन्द्र (सिकंदर)
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प्राचीन ईरान की ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख आवश्यक है। दक्षिण ईरान में 'पर्सु' नामक प्रांत था, जहाँ हखामनीषी वंश के लोगों का शासन था। ...
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रविवार, अगस्त 30, 2009
आर्यान (ईरान)
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प्राचीन काल में भारत और ईरान (प्राचीन नाम आर्यान : आर्य देश) की सभ्यताओं का सहोदर नामा रहा है। वहाँ के खुर्द ( Kurd ) लोगों में आज भी एक कहा...
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रविवार, अगस्त 23, 2009
असुर जाति
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लगातार एक हजार वर्षों तक सतत युद्घ के कारण युद्घ करना ही असुर जाति का पेशा बन गया और वे स्वयं क्रूर एवं अत्याचारी हो गए। जिन नगरों को उन्हों...
2 टिप्पणियां:
शनिवार, अगस्त 15, 2009
कस्सी व मितन्नी आर्य
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इसके बाद मध्य-पूर्व (दक्षिण-पश्चिम) में आया एक-दूसरे से संघर्षरत साम्राज्यों का युग। एक कस्सी (कसाइट) जाति ने बैबिलोनिया पर कब्ज़ा कर लिया। ...
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