मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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बुधवार, अक्टूबर 01, 2008
भविष्य का अवतार - 'कल्कि'
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काल्कि का यह चित्र सौजन्य - Wikipedia भविष्य के गर्भ में है ' कल्कि ' अवतार। यदि मानव सभ्यता के भविष्य पर विश्वास लाते हैं तो इस पर ...
बुधवार, सितंबर 24, 2008
वेदांती शंकर अथार्त आदि शंकराचार्य
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विक्रमी संवत् से ४५२ वर्ष पूर्व (यह आचार्य उदयवीर शास्त्री का मय-निर्धारण है) केरल के एक गांव में प्रसिद्घ वेदांती शंकर (जो बाद में आदि शंकर...
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रविवार, सितंबर 07, 2008
भारत में बौद्घ मत के ह्रास के कारण और वेदांती की आवश्यकता
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कैसे कभी-कभी सद्गुणों की विकृति हो जाती है, इसका उल्लेख वीर सावरकर ने अपनी पुस्तक 'भारतीय इतिहास के छह स्वर्णिम पृष्ठ' में किया है।...
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शनिवार, अगस्त 30, 2008
बौद्ध धर्म का विकास
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परिनिर्वाण के बाद शीघ्र ही राजगृह में बौद्घ 'संगीति' (शाब्दिक अर्थ जहां संगायन अर्थात् उपदेश गाए तथा बुद्घ-वचन दोहराए जाएं) बुलाई गई...
4 टिप्पणियां:
शनिवार, अगस्त 23, 2008
सिद्धार्त से गौतम बुद्ध तक का सफर
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इन श्रमण परंपराओं और जैन मत की भूमिका में यह कहानी उभरती है, जिसने एशिया महाद्वीप की काया-पलट कर दी और अंततोगत्वा सारे संसार को प्रभावित किय...
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