मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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रविवार, नवंबर 29, 2009
फणीश अथवा पणि
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ऐसे ही फणीश ( Phoenicians ) थे। इनका उल्लेख वेदों में 'पणि' नाम से आता है। ये नाग-पूजक थे और संभवतः पुराणों में वर्णित यही 'नाग...
रविवार, नवंबर 22, 2009
एजियन सभ्यताएँ व सम्राज्य
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भूमध्य सागर की बाकी सभ्यताएँ {एजियन सभ्यताएँ ( Aegean civilizations)} साम्राज्यों से ग्रथित हैं और उनके साये में पली हैं। केवल अपवादस्वरूप...
रविवार, नवंबर 15, 2009
जाति संहार के बाद इस्रायल का पुनर्निर्माण
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पर लगभग अस्सी वर्ष की स्वाधीनता के बाद इस्रायल पुनः रोम के आक्रमण का शिकार बना। इस भीषण युद्घ में हजारों यहूदी मारे गए और बाद में नर-संहार...
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रविवार, नवंबर 08, 2009
यहूदी और बौद्ध मत
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यह समय था जब बौद्ध तथा अन्य प्रचारक भारत (जिसके अंतर्गत गांधार भी था) की पश्चिमी सीमा लाँघ कर ईरान और सुदूर पश्चिमी एशिया में अहिंसा का सं...
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रविवार, नवंबर 01, 2009
पुलस्तिन् के यहूदी
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भूमध्य सागर के पूर्वी भाग का जिन प्राचीन सभ्यताओं से संबंध का वर्णन आता है; उनमें बाइबिल के 'पूर्व विधान' में वर्णित यहूदी जाति और ...
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