मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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सोमवार, दिसंबर 24, 2007
जल प्लावनः सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं
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दूसरी बहुत बड़ी घटना जल प्लावन की है। तृतीय हिमाच्छादन के समय भूमध्य सागर का अस्तित्व दो झीलों के रूप में था, जो नदी द्वारा संबद्ध हो सक...
रविवार, दिसंबर 16, 2007
उत्तर- पाषाण युगः सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं
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उत्तर- पाषाण (Upper Paleolithic) युग के प्रारंभ में दो बहुत बड़े परिवर्तन पृथ्वी पर हुए। प्रथम, उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया की...
1 टिप्पणी:
गुरुवार, दिसंबर 06, 2007
पाषाण युग - सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं
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लगभग दो लाख वर्ष का मानव का प्रारंभिक जीवन, जब हमें पत्थर के हथियार ही उसके अस्तित्व की याद दिलाते हैं, पाषाण युग (stone age) के नाम से वि...
3 टिप्पणियां:
मंगलवार, नवंबर 27, 2007
सभ्यता का दोहरा कार्य - सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं
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सभ्यता का दोहरा कार्य रहा है। एक ओर नग्न प्रकृति भयानकता में खड़ी है। वह आग उगलता ज्वालामुखी और मानो क्रोध में कॉंपती पृथ्वी, वह हहराती ...
गुरुवार, नवंबर 22, 2007
समय का पैमाने पर मानव जीवन का उदय - सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं
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यदि सूर्य की निर्मिति से हम इस पॉच किलोमीटर लंबे काल-पैमाने (time scale) पर यात्रा करें तो लगभग तीन किलोमीटर की सूनी यात्रा के बाद ( आज से ल...
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