मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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गुरुवार, जनवरी 31, 2008
रिलिजन के लिये हिन्दी में उपयुक्त शब्द - संप्रदाय या पंथ
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कृषि के लिए ऋतुओं का ज्ञान आवश्यक था। प्रथम काल-गणना तो दिन एवं चंद्रमास द्वारा प्रारंभ हुई। आज भी अरब देशों में चंद्रमास से वर्ष गिनने के ...
1 टिप्पणी:
शनिवार, जनवरी 26, 2008
जादू, टोने टुटके से - विज्ञान के पथ पर
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प्रारंभ में आदि मानव ने संसार को वैसे ही देखा होगा जैसे शिशु अपने मकान के छोटे से संसार को देखता है। ‘यह है’, इतना ही भाव उसके लिए पर्याप्त...
1 टिप्पणी:
गुरुवार, जनवरी 17, 2008
पुराने कबीले मातृप्रधान थे
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आज फ्रॉयड (Freud) , यूँग (Jung) और ऍडलर (Adler) की खोजों और मनोविश्लेषण (psycho-analysis) से हम शिशु जीवन की मनोरचना का और सामाजिक जीवन के ...
गुरुवार, जनवरी 10, 2008
राजा उदयन की राजधानी - कौशांबी
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सन १९५० के दशक में प्रयाग विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग ने कौशांबी में उत्खनन प्रारंभ किया। गौतम बुद्ध के समय राजा उदयन की इठलाती राजध...
मंगलवार, जनवरी 01, 2008
धातु युगः सभ्यता की प्रथम किरणें एवं दंतकथाऍं
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यातायात के साधनों के आविष्कार के बाद धातु का युग आया, जिससे मानव जीवन में एक बड़ा परिवर्तन आना था। वेदों में धातुओं का वर्णन है। ऋग्वेद मे...
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