मेरी कलम से
वीरेन्द्र भाईसाहब की पुस्तकें
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चिट्ठास्वामी: कृष्णा वीरेन्द्र न्यास
वीरेन्द्र भाईसाहब: एक परिचय
न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें
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रविवार, अप्रैल 27, 2008
शिव पुराण - कथा: अवतारों की कथा
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सागर-मंथन की कथा से शिव ( shiva ) का रूप निखरता है। ऋग्वेद में जहॉ सूर्य, वरूण,वायु, अग्नि, इंद्र आदि प्राकृतिक शक्तियों की उपासना है वही...
25 टिप्पणियां:
शनिवार, अप्रैल 12, 2008
कच्छप अवतार की गाथा: अवतारों की कथा
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ज्यों-ज्यों एकरस समाज-जीवन के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, पृथ्वी का ऐश्वर्य, संपदा और सामूहिक शक्ति समाज के हाथ पड़ी। कामधेनु, अश्व,...
1 टिप्पणी:
सोमवार, मार्च 31, 2008
अमृत-मंथन कथा की सार्थकता: अवतारों की कथा
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एक बार असुरों ने तीखे शस्त्रों से देवताओं को पराजित किया। अनेक देवता रणभूमि में गिरकर उठ न सके। स्वयं इंद्र श्रीहीन हो गए। तब ब्रम्हा ने ...
बुधवार, मार्च 26, 2008
देवासुर संग्राम की भूमिका: अवतारों की कथा
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आगे अमृत-मंथन की कथा को समझने के लिए देवासुर संग्राम की भूमिका जानना आवश्यक है। आर्यों के मूल धर्म में सर्वशक्तिमान् भगवान के अंशस्वरूप प्...
1 टिप्पणी:
सोमवार, मार्च 17, 2008
जल-प्लावन की गाथा
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जल-प्लावन की गाथा संसार की सभी सभ्यताओं में पाई जाती है। मनु की यह घटना सामी सभ्यताओं में ‘हजरत नू की नौका’ (Noah’s Ark) कहकर वर्णित है। ...
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